श्री जगन्नाथ मंदिर में भावपूर्ण मातृ-पितृ पूजन सम्पन्न

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*मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह जूदेव व श्रीमती जया सिंह जूदेव की गरिमामयी उपस्थिति, 300 से अधिक श्रद्धालु हुए सहभागी*

जशपुरनगर (कस्तूरा) :- भारतीय संस्कृति में माता-पिता के सम्मान और संस्कार जागरण के उद्देश्य से आयोजित मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम रविवार को कस्तूरा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में लगभग 300 माता-पिता एवं बच्चों ने भाग लेकर अपने माता-पिता का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह जूदेव एवं उनकी धर्मपत्नी जया सिंह जूदेव रहे। बच्चों द्वारा मुख्य अतिथि दंपत्ति का भी पूजन किया गया। इस दौरान पूरा प्रांगण भावनाओं से ओतप्रोत हो उठा और कई उपस्थितजनों की आंखें नम हो गईं।
इस आयोजन में अम्बिकापुर योग वेदांत समिति से अभिषेक सिंह, कपिल सिंह, विष्णु गुप्ता एवं श्रीमती राशि सिंह उपस्थित रहे। वहीं जशपुर योग वेदांत समिति से विजय शर्मा तथा कस्तूरा से कर्णपाल सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, सुदन एवं सुलेश ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरा से शारदा धाम पहुंचकर निराश्रित बच्चों को बाल संस्कार शिक्षा देने एवं फल वितरण से की गई। साथ ही 15 वृद्धजनों को कंबल वितरित किए गए। इसके पश्चात शारदा धाम से लौटकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में मातृ-पितृ पूजन का मुख्य आयोजन किया गया, जहां कस्तूरा के 25 वृद्धजनों को भी कंबल प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के संस्कारयुक्त कार्यक्रम सभी विद्यालयों में होने चाहिए, ताकि बच्चों में प्रारंभ से ही अच्छे संस्कार विकसित हों। श्रीमती जया सिंह जूदेव ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा जागृत करने का कार्य करते हैं।
विजय शर्मा ने युवाओं से भारतीय संस्कृति को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी परंपरा “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव” की रही है, जिसे आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने माता-पिता से भी बच्चों को भारतीय संस्कारों से जोड़ने की अपील की।
अंत में कपिल सिंह द्वारा सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों का विशेष सहयोग रहा।

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