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​जशपुरनगर/कोतबा: मुख्यमंत्री के गृह जिले और विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद जशपुर जिले का प्रशासनिक अमला सवालों के घेरे में है। जिले के सबसे बड़े नगरपालिका क्षेत्र पत्थलगांव में पिछले 10 दिनों से तहसील कार्यालय का कामकाज लगभग ठप पड़ा है, जिससे आम जनता, किसानों और विशेषकर को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

​पत्थलगांव तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार श्रीमती जयश्री राजनपथे के पिछले 10 दिनों से कार्यालय में उपस्थित नहीं होने के कारण प्रशासनिक कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। आलम यह है कि जो लोग अपनी जमीनों की रजिस्ट्री करवाने, जाति या निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूर-दराज से कार्यालय पहुंच रहे हैं, उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
​रजिस्ट्री का कार्य बाधित होने से न केवल आम लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं।
​आम जनता पर एक तरफ तहसीलदार की अनुपस्थिति की मार है, तो दूसरी तरफ कुनकुरी पटवारी संघ के एक विवादित फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है। किसी शिकायत से नाराज होकर पटवारी संघ द्वारा पूरे जिले में ‘चौहद्दी’ (जमीन का विवरण) नहीं देने के फरमान के बाद स्थिति और भी विकट हो गई है। रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए चौहद्दी अनिवार्य है, जिसके अभाव में लोग अब दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

​*प्रशासन मौन, छवि हो रही धूमिल?*
​स्थानीय लोगों का आरोप है कि पत्थलगांव तहसील कार्यालय में अधिकारियों के मनमाने रवैये के कारण उन्हें विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में इस प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, बल्कि शासन-प्रशासन की छवि को भी धूमिल कर रही है। बावजूद इसके, उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
*​तहसीलदार ने दी सफाई, कहा- “स्थायी रजिस्ट्रार की जरूरत”*
​इस मामले पर जब पत्थलगांव तहसीलदार श्रीमती जयश्री राजनपथे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निजी अवकाश पर थीं और वर्तमान में कार्यालय में वापस आ चुकी हैं। लोगों को हो रही परेशानियों पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा:
​”वाकई यहाँ पर एक स्थायी रजिस्ट्रार की नियुक्ति होनी चाहिए। इस समस्या के बारे में जिला कलेक्टर महोदय स्वयं संज्ञान ले रहे हैं। आपकी बातों से मैं पूरी तरह सहमत हूँ और इस दिशा में समाधान के प्रयास जारी हैं।”

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