कुनकुरी में अहिंसा रक्षा पदयात्रा का प्रथम मंगल प्रवेश, 700 किमी पदयात्रा पूर्ण

WhatsAppImage2026-01-25at2054531
WhatsAppImage2026-01-25at205453
WhatsAppImage2026-01-25at205454
WhatsAppImage2026-01-25at205452
WhatsAppImage2026-01-25at2054551
WhatsAppImage2026-01-25at2055231
WhatsAppImage2026-01-25at205456
WhatsAppImage2026-01-25at2053421
previous arrow
next arrow

कुनकुरी (जशपुर)।
अहिंसा और संयम के संदेश को लेकर निकली अहिंसा रक्षा पदयात्रा का प्रथम बार मंगल प्रवेश शुक्रवार को श्री दिगंबर जैन मंदिर, कुनकुरी (जिला जशपुर, छत्तीसगढ़) में हुआ। अब तक लगभग 700 किलोमीटर की पदयात्रा पूर्ण हो चुकी है।

महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज एवं मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में यह पदयात्रा संचालित हो रही है।
मंगल प्रवेश के अवसर पर कुनकुरी जैन समाज द्वारा मुनि संघ का पाद प्रक्षालन, आरती एवं भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारत के विभिन्न नगरों से आए अनेक श्रद्धालु एवं महानुभाव पदबिहार में सहभागी बने।

सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में हार-जीत का संबंध मन और तन्मयता से है। जीत और हार के बीच अंतर केवल एक कदम का होता है। जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखते हुए अंतिम क्षण तक अपने लक्ष्य में लगा रहता है, वही अंततः विजयी होता है।

उन्होंने कहा कि असफलता के समय निराश होकर दूसरों को दोष देना प्रगति को रोक देता है, जबकि हार से सीख लेकर आगे बढ़ने वाला व्यक्ति सफलता प्राप्त करता है। सफलता संयोग से नहीं, बल्कि समर्पण और निरंतर प्रयास से मिलती है। हार का अर्थ अंत नहीं, बल्कि नए सिरे से शुरुआत करना है।
मुनि श्री ने आगे कहा कि उत्साह और साहस संक्रामक होते हैं। जब एक व्यक्ति पूरे विश्वास और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता है, तो अनेक लोग उसके साथ जुड़ जाते हैं। इसलिए आवश्यक है कि व्यक्ति अपने कार्य का स्वयं विश्लेषण करे, मानसिक विकारों को दूर करे और निरंतर प्रयास करता रहे।
उन्होंने संदेश दिया कि
“जीत उन्हीं की होती है, जो अपने काम को पूरा करने में तन-मन लगा देते हैं और हार मानने से पहले हर संभव प्रयास करते हैं।”
इस अवसर पर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मसभा का लाभ लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!