मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में अवैध ईंट भट्टा! फरसाबहार के डोंगादरहा में लाखों की अवैध ईंट निर्माण का बड़ा खुलासा

जशपुर ज़िले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत डोंगादरहा क्षेत्र में खुलेआम अवैध रूप से ईंट भट्टा संचालित होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सतना जिले से आए कुछ लोगों द्वारा बिना किसी शासकीय अनुमति, खनिज विभाग, राजस्व विभाग, पर्यावरण स्वीकृति एवं बीना एनओसी के लाखों रुपये की लागत से ईंट भट्टा खड़ा कर दिया गया है और बड़े पैमाने पर ईंट निर्माण किया जा रहा है।

*मौके पर मीडिया की जांच में खुला राज*

जब जशपुर टुडे एवं फर्स्ट छत्तीसगढ़ की संयुक्त पत्रकार टीम ने मौके पर जाकर जांच की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
भट्टा संचालकों द्वारा किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज, पंजीयन, लीज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार के पीछे *नगर पंचायत कोतबा के एक पार्षद का नाम भी सामने आ रहा है,*
जिनसे जब पत्रकारों ने संपर्क किया तो उन्होंने गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया।
करोड़ों के राजस्व को चूना
अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन, ईंट निर्माण और बिक्री से शासन को खनिज रॉयल्टी, पर्यावरण शुल्क, जीएसटी व अन्य करों का भारी नुकसान हो रहा है। साथ ही खेतों व ग्रामीण भूमि से मिट्टी निकालकर पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचाई जा रही है।
*मुख्यमंत्री के गृह ज़िले में खुली चुनौती*

*यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह ज़िले जशपुर का है। ऐसे में सवाल उठता है कि—*

क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं?
या फिर किसी प्रभावशाली संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?
अब निगाहें प्रशासन पर
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर, खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग और नगर पंचायत इस पर कब कार्रवाई करते हैं।
क्या अवैध ईंट भट्टा सील होगा?
क्या दोषियों पर एफआईआर और जुर्माना लगेगा?
या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
डोंगादरहा के ग्रामीणों और मीडिया की नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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