फरसाबहार। सावन सोमवार के तीसरे सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था केंद्र कोतेबिरा शिवधाम में श्रद्धा और भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही शिवधाम में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा। झारखंड और ओडिशा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और भगवान शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सावन के पावन महीने में तीसरे सोमवार को शिवधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड से भी काफी संख्या में श्रद्धालु कोतेबिरा पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
मुख्यमंत्री की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन
श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ अधिक होने के बावजूद प्रसाद वितरण की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे।
भंडारे में झारखंड, ओडिशा सहित जशपुर जिले के आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं के लिए बैठने और प्रसाद वितरण की व्यवस्था को लेकर भी कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष ध्यान दिया गया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था
भंडारे और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर तपकरा एवं पंडरीपानी भाजपा मंडल के कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कुछ कार्यकर्ता प्रसाद वितरण, तो कुछ श्रद्धालुओं को कतार में व्यवस्थित करने और अन्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
कोतेबिरा शिवधाम में सावन सोमवार के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से शिवधाम में उत्सव जैसा माहौल रहा। भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन और पूजा के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।












