
जशपुरनगर:-सीमावर्ती जिले रायगढ़ से भटककर आए एक दंतैल हाथी के हमले ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। तपकरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत माटीहेजा गांव में कल शाम हाथी को भगाने के प्रयास में 17 वर्षीय विनय केरकेट्टा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। किशोर की असामयिक मौत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, सागजोर जंगल के पास माटीहेजा के कुछ ग्रामीण अपने चार पालतू कुत्तों को साथ लेकर हाथी को भगाने के इरादे से जंगल की ओर बढ़े थे। इसी दौरान बिफरे हाथी ने अचानक पलटकर हमला बोल दिया और ग्रामीणों को दौड़ा लिया। बाकी लोग तो किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन 17 वर्षीय विनय हाथी की चपेट में आ गया। हाथी ने उसे बेरहमी से कुचल दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया।
वनकर्मी बसंत टोप्पो के अनुसार, यह हाथी अपने दल से बिछड़कर इस इलाके में पहुंचा है और वर्तमान में तुमला थाना क्षेत्र के सतपुरिया जंगल में विचरण कर रहा है।
वन विभाग ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से एक बार फिर हाथ जोड़कर अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें।
उन्होंने अपील की है कि हाथी के करीब न जाएं: दल से भटके या आक्रामक हाथी को खुद खदेड़ने की कोशिश कभी न करें।
छेड़छाड़ न करें: शोर मचाकर, पत्थर फेंककर या पालतू जानवरों को आगे कर हाथी को भड़काना जानलेवा साबित हो सकता है।
विभाग को दें सूचना: हाथी की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही तुरंत वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।













