सीमा पर बेबस पिता: शव वाहन न मिलने से नवजात को गोद में लेकर 8 किमी स्कूटी से घर पहुँचे परिजन
जशपुर :- नागलोक के फरसाबहार क्षेत्र से ओडिशा – छत्तीसगढ़ सीमा पर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामला आज लगभग 11 बजे का है। ओडिशा के सुंदरगढ़ में जन्म लेते ही मृत्यु हो चुके नवजात का शव ओडिशा प्रशासन द्वारा लठबोरा उतियाल पुल, जो दोनों राज्यों की सीमा है, तक पहुंचाकर छोड़ दिया गया। यहां से पत्रकार मुकेश नायक के घर की दूरी मात्र 8 किलोमीटर थी, पर छत्तीसगढ़ में एक भी शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका।
परिजन और साथी लगातार दो घंटे तक कोशिश करते रहे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी से बात करने पर साफ कहा गया कि शव वाहन नहीं है। उन्होंने एम्बुलेंस के कॉल की बात कही, लेकिन न कोई कॉल आया और न 102 सेवा आगे आई। 102 ने यह कहकर मना कर दिया कि यह एम्बुलेंस मरीजों के लिए है, शव के लिए नहीं।
जब सभी प्रयास विफल हो गए, पिता का धैर्य टूट गया। मजबूरी में पत्रकार मुकेश नायक ने अपने मृत नवजात को गोद में उठाया और परिजन व साथी के साथ ट्रिपल लोड स्कूटी पर अपने निवास सिंगीबहार की ओर रवाना हुए। दृश्य इतना मार्मिक था कि हर देखने वाले का दिल कांप गया।
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि यह बताती है कि सरकारी दावे और जमीन की हकीकत कितनी दूर हैं। महज 8 किलोमीटर की दूरी में भी शव वाहन न मिलना, स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। यह मामला प्रशासन को झकझोर देने के लिए काफी है।































































