सरगुजा संभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संगठनों की अंबिकापुर में बैठक, 21 सूत्रीय एजेंडे पर एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का संकल्प
चंदरभान यादव की रिपोर्टर
जशपुर /अंबिकापुर। सरगुजा संभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले गांधी चौक स्थित श्री दुर्गा शक्ति पीठ में दोपहर 11 बजे विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे संघ प्रमुखों और पदाधिकारियों ने एक मंच पर आकर एकजुटता का परिचय दिया और सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
बैठक में जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और कोरिया जिले के संघों व संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे। सभी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एक मंच और एक बैनर के तहत संगठित करने का संकल्प लिया।
बैठक की शुरुआत मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद जशपुर जिले की कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी प्रतिनिधिमंडलों और पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती कविता यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी एक मंच पर आ जाते हैं तो निश्चित ही उनकी जीत सुनिश्चित होगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों के दबाव और प्रताड़ना से डरने की बजाय एकजुट होकर समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही।
बैठक में पुष्पा श्रेजल ने कहा कि सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने गुणवत्ताविहीन साड़ी वितरण पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसी सामग्री का उठाव नहीं किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ता-सहायिकाओं को पेंशन देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
सरगुजा से श्रीमती भुनेश्वरी सिंह ने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि सभी संगठनों को मिलकर नियमितीकरण की मांग पर सरकार के सामने मजबूत तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
सुचिता मिश्रा ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना बेहद सकारात्मक कदम है और इससे भविष्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की लड़ाई मजबूत होगी।
बैठक में 21 सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा करते हुए नियमित बैठक, वर्चुअल मीटिंग, व्हाट्सएप समूह गठन, मीडिया समन्वय, हड़ताल-धरना में एकजुटता, सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं के सम्मान, न्यायालय में याचिका दायर करने, मुख्यमंत्री-मंत्री से मुलाकात सहित विभिन्न विषयों पर रणनीति तय की गई।
















