
फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोरंगामाल में तीन दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा (सत्संग) का भव्य और श्रद्धामय आयोजन प्रारंभ हो गया है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है। गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
सोमवार, 30 मार्च 2026 को प्रातः 7 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। कलश यात्रा कोकिया नदी तक निकाली गई, जहां से विधिवत जल भरकर श्रद्धालु वापस कथा स्थल पहुंचे। इसके पश्चात पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आयोजन समिति द्वारा जानकारी दी गई कि प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से श्री शिव महापुराण कथा का वाचन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान शिव की महिमा और जीवन से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। 31 मार्च, मंगलवार को हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा, वहीं 1 अप्रैल, बुधवार को हवन पूर्णाहुति के साथ इस धार्मिक कार्यक्रम का समापन होगा।
इस कथा में कथा व्यास के रूप में पूज्या किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री जी उपस्थित हैं, जो अपनी मधुर वाणी में श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की अमृतमयी कथा सुना रही हैं। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कथा का आयोजन बाजार डांड, कोरंगामाल में किया जा रहा है, जहां व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामवासियों द्वारा विशेष तैयारी की गई है। समस्त ग्रामवासी कोरंगामाल ने श्रद्धालु भक्तजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
















