फरसाबहार। सावन माह के अवसर पर ग्राम फरदबहार के केरवाजोर में बुधवार को वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा झूलेंन जतरा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को पालकी में विराजमान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान को झूला झुलाया।
सुबह से शुरू हुआ पूजा-पाठ का सिलसिला शाम तक विशाल मेले में बदल गया। झारमुंडा, अंकिरा, बारों, भालुमुंडा, सिकिरमा, रनई, कोनपारा, सरईटोली सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु केरवाजोर पहुंचे। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
झूलेंन जतरा क्षेत्र की दशकों पुरानी धार्मिक परंपरा मानी जाती है। ग्रामीणों के अनुसार सावन माह में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को झूला झुलाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। खास बात यह रही कि नई पीढ़ी भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने में उत्साह के साथ सहभागी बनी।
मेले में मिठाई, खिलौने, सौंदर्य सामग्री, पूजा सामग्री, फल-फूल सहित सैकड़ों दुकानें सजीं। बच्चों, महिलाओं और युवाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। देर रात तक केरवाजोर में श्रद्धा, भक्ति और मेले की रौनक बनी रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!