सावन के अंतिम सोमवार को कोतेबिरा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, बारिश के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने किए भगवान शिव के दर

जशपुर /छत्तीसगढ़
। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक एवं दर्शनीय स्थल कोतेबिरा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। सुबह से देर शाम तक कोतेबिरा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
सावन के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और झारखंड से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोतेबिरा पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे, वहीं बड़ी संख्या में युवा शिवभक्त कांवड़ लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे।
जोड़ा महादेव से कोतेबिरा तक निकली कांवड़ यात्रा
अंतिम सोमवार के अवसर पर जोड़ा महादेव से कोतेबिरा तक कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ियों ने पैदल यात्रा कर कोतेबिरा पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बारिश के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रास्तेभर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
बाबा धाम सहित क्षेत्र के शिवालयों में उमड़ी भीड़
सावन के अंतिम सोमवार से एक दिन पहले रविवार शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओडिशा के वेदव्यास स्थित बाबा धाम के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान कर घरों में पूजा-अर्चना की और इसके बाद स्थानीय शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
पूजा-अर्चना के बाद परिवार सहित श्रद्धालु क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर रवाना हुए। कोतबा सती घाट, अंकिरा के बुड़ा महादेव, पेटामारा शिव मंदिर, कपाटद्वार, कोतेबिरा, लाठबोरा, डुमरिया, डोंगादरहा और कांटाटोगरी सहित ओडिशा के भंडारी शंकरा स्थित सुखा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए।
26 वर्षों से मनोज जायसवाल करा रहे भंडारा
कोतेबिरा में सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित होने वाला भंडारा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तपकरा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जायसवाल द्वारा लगातार 26 वर्षों से सावन के अंतिम सोमवार को कोतेबिरा में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की गई। भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु भंडारे में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु
कोतेबिरा में आयोजित धार्मिक आयोजन में ओडिशा और झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ के कोतबा, लुड़ेग, कुनकुरी, जशपुर, फरसाबहार, पंडरीपानी, केरसई, बंदरचुआ, कोल्हेनझरिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सुबह से ही कोतेबिरा की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ गई थी। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में युवा शिवभक्त कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचे।
क्षेत्र के शिवालयों में भी हुए भंडारे
अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में भी भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के बाद प्रसाद ग्रहण किया। जगह-जगह हुए धार्मिक आयोजनों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने संभाली व्यवस्था
कोतेबिरा में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की। दर्शन और प्रसाद वितरण को व्यवस्थित रखने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी समिति के सदस्यों ने नजर बनाए रखी।
भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए समिति के सदस्य पूरे दिन सक्रिय रहे।
यातायात व्यवस्था में जुटी रही तपकरा पुलिस
श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से कोतेबिरा क्षेत्र में यातायात का दबाव भी बढ़ गया था। इसे देखते हुए तपकरा पुलिस पूरे दिन यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रही। पुलिस जवानों ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ भीड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखी।
बारिश के बीच भी नहीं डिगी आस्था
सावन के अंतिम सोमवार को कोतेबिरा में उमड़ी भीड़ ने भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। रुक-रुककर होती बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक सकी। कांवड़ यात्रा, शिवालयों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, भंडारे और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कोतेबिरा में देर शाम तक धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।
सावन के अंतिम सोमवार पर कोतेबिरा में उमड़ा यह जनसैलाब क्षेत्र की वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था और परंपरा का गवाह बना। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।













