बाबूसजबहार में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, कलश यात्रा व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ,
बाबूसजबहार में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि से भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष शामिल हुए। कलश यात्रा के पश्चात मंगलाचरण संपन्न हुआ, जिसके बाद मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ता इंदर भगत ने भारत की प्राचीन संस्कृति, उसके गौरवशाली इतिहास और “अनेकता में एकता” की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव समाज को जोड़ने का कार्य किया है तथा जनजातीय समाज की महान विभूतियों का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
वहीं किरण यागिक ने अपने उद्बोधन में नारी शक्ति की महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को सम्मान, शक्ति और सृजन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला और उपस्थित जनसमूह ने वक्ताओं के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन संस्कृति के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना और समाज में जागरूकता का संदेश देना रहा।
















