*”कार्यकर्ताओं के रक्त की बूंद-बूंद का मान रखूँगा”: युवाओं के ‘रक्त तिलक’ से भावुक हुए राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव
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*विजय आदित्य सिंह जूदेव का हुआ ‘रक्त-तिलक’ से अभिषेक*
जशपुरनागर :- जशपुर की माटी में इन दिनों राजनीति का एक ऐसा स्वरूप उभर रहा है, जो दशकों तक याद रखा जाएगा। यह महज एक नेता का दौरा नहीं, बल्कि एक युवा नेतृत्व के प्रति जन-अपेक्षाओं का ज्वार है। जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव के प्रति युवाओं की दीवानगी इस कदर है कि वे अपने आराध्य नेता का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि अपने ‘लहू के तिलक’ से कर रहे हैं।
जशपुर के राजनीतिक इतिहास में लंबे समय बाद किसी युवा चेहरे के प्रति ऐसा भावनात्मक और अटूट विश्वास देखा जा रहा है। राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव जब सुदूर वनांचलों के दौरे पर निकलते हैं, तो दृश्य किसी उत्सव जैसा हो जाता है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष बनने के बाद से अबतक जिले चार अलग-अलग मौकों पर युवाओं ने अपने रक्त से उनका तिलक कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका समर्थन केवल चुनावी नहीं, बल्कि पूरी तरह समर्पित और वैचारिक है। यह ‘रक्त-तिलक’ जशपुर की राजनीति में समर्पण की एक ऐसी अनूठी परंपरा को जन्म दे रहा है, जो संगठन के लिए भविष्य की नई आधारशिला बन सकती है।
पंडरापाठ क्षेत्र में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं जोश का ऐसा ही मंजर दिखाई दिया। जैसे ही राजकुमार बिजय आदित्य सिँह जूदेव का काफिला पहुँचा, ‘जय जय जूदेव’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। युवाओं की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और देखते ही देखते कार्यकर्ताओं ने अपने रक्त से उनका अभिषेक कर दिया।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि राजकुमार की सादगी, सहजता और ग्रामीणों के प्रति उनका गहरा लगाव ही उन्हें जन-जन का लाड़ला बना रहा है। वे किसी राजा की तरह नहीं, बल्कि एक साथी की तरह लोगों के बीच पहुँच रहे हैं।
*संगठन में नई ऊर्जा का संचार*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव का यह बढ़ता प्रभाव जशपुर में भाजपा और युवा मोर्चा के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।
युवाओं का यह प्रतीकात्मक और भावनात्मक जुड़ाव संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में जिले की राजनीति में एक बड़ा वैचारिक और संगठनात्मक बदलाव आने वाला है।
*पंडरापाठ की इस हृदयस्पर्शी घटना के बाद राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव भावुक नजर आए*
राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा:”युवाओं का यह प्रेम और मुझ पर जताया गया यह अटूट विश्वास मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। साथियों ने अपने रक्त से मेरा जो तिलक किया है, वह मेरे रोम-रोम में जशपुर की माटी और यहाँ के जन-जन की सेवा का संकल्प भर देता है। यह रक्त का तिलक गवाह है कि जशपुर का युवा अब सजग है और अपने क्षेत्र के स्वाभिमान व विकास के लिए किसी भी संघर्ष को तैयार है। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि कार्यकर्ताओं के इस पसीने और रक्त की बूंद-बूंद का मान रखूँगा और अंतिम व्यक्ति के हक की लड़ाई पूरी निष्ठा से लड़ूँगा।”
















