कोरंगामाल में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था की भीड़,

फरसाबहार/जशपुर

फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोरंगामाल में आयोजित तीन दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा (सत्संग) के दूसरे दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंगलवार को कथा स्थल बाजार डांड, कोरंगामाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। दूसरे दिन हजारों की संख्या में ग्रामीणों और भक्तों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को भव्य और श्रद्धामय बना दिया।
इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। ग्राम कोरंगामाल के साथ-साथ आसपास के गांवों—तुमला, सागजोर, लवाकेरा, बाबूसाजबाहर, अंकिरा, बंसाझाल, तपकरा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से भगवान शिव की महिमा, उनके जीवन से जुड़े पौराणिक प्रसंगों और धार्मिक कथाओं का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा के दूसरे दिन 31 मार्च, मंगलवार को विधिवत हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह एवं पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता कपिलेश्वर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
इस भव्य आयोजन में कथा व्यास के रूप में पूज्या किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री जी अपनी मधुर वाणी में शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का वाचन कर रही हैं। उनके भावपूर्ण और ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कथा स्थल पर सुव्यवस्थित व्यवस्था, भक्ति संगीत और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपराओं और एकता को भी मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
ग्रामीणों के सहयोग और आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी से यह तीन दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा कार्यक्रम क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बनता जा रहा है।

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