
बागबहार/कोतबा /जशपुर
अपनी समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास के लिए प्रसिद्ध बंजारा समाज ने बागबहार में ‘अंतरराष्ट्रीय बंजारा दिवस’ बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया। इस अवसर पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा में समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत बंजारा समाज के आराध्य देव संत सेवालाल महाराज और गुरुनानक देव जी के तैल चित्र पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि राहुल चौहाण (राष्ट्रीय अध्यक्ष, गौर बंजारा एकता एसोसिएशन) ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
स्थानीय शिव मंदिर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। हाथों में लाल ध्वज लिए युवा और महिलाएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे नगर में “जय सेवालाल – जय लखिशाह” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। इस दौरान युवाओं ने आतिशबाजी कर उत्सव का माहौल और भी जीवंत बना दिया।
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण महिलाओं की भागीदारी रही। पारंपरिक बंजारा वेशभूषा और आभूषणों में सजी महिलाओं ने जगह-जगह ‘नृत्य लड़ी’ प्रस्तुत कर सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस दौरान मुख्य अतिथि राहुल चौहाण का नगरवासियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प वर्षा और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज की शिक्षा और सामाजिक प्रगति पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल हुए। शोभायात्रा के समापन के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने बंजारा समाज के इतिहास और योगदान पर प्रकाश डाला तथा लखिशाह बंजारा जैसे महान व्यक्तित्वों को याद किया।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि आधुनिकता के दौर में भी बंजारा समाज अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
















