
कोतबा/जशपुर :- नगर पंचायत कोतबा के वार्ड क्रमांक 13, इंदिरा नगर (लैलूंगा रोड) में शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को आस्था, श्रद्धा और जनसहयोग का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के निवासियों द्वारा सार्वजनिक श्री शनिदेव मंदिर निर्माण के लिए विधि-विधान के साथ भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह लगभग 8:00 बजे हुआ, जिसमें माँ बनभौरी मंदिर, गंझियाडीह के प्रसिद्ध पुजारी पंडित मनीष कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने यजमानों को विधिवत पूजन कराया और शनिदेव की आराधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और सेवा भाव से किए गए कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इस दौरान “जय शनिदेव” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर यह भूमिपूजन किया गया, वहां पूर्व में नगर पंचायत द्वारा एक चबूतरे का निर्माण कराया गया था। लेकिन लंबे समय तक मूर्ति स्थापना और उचित देखरेख के अभाव में यह स्थल उपेक्षित बना हुआ था। ऐसे में वार्ड क्रमांक 13 के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पहल करते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया और इसे साकार रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
शनि शिगणापुर से लाई जाएगी प्रतिमा
मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि मंदिर में स्थापित होने वाली भगवान शनिदेव की प्रतिमा महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शनि शिगणापुर से लाई जाएगी, जिससे इस मंदिर की धार्मिक महत्ता और बढ़ जाएगी। मंदिर का निर्माण पूरी तरह जनसहयोग और वार्डवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।
इस अवसर पर नगर पंचायत के पार्षद पंकज शर्मा, पूर्व पार्षद सुनील शर्मा, अरुण जांगड़े सहित वार्डवासी दिनेश ठाकुर, पीताम्बर साहू, विजय साहू, जंगलू साहू एवं अन्य गणमान्य नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
मंदिर निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्री शनिदेव सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर जल्द ही पूर्ण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए एक भव्य और पवित्र स्थल उपलब्ध हो सके।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो आस्था और जनसहयोग से बड़े से बड़ा कार्य भी संभव हो जाता है।
















