पोला पर्व पर ग्राम पंचायत मुसरा में पारंपरिक खेलो का हुआ आयोजन।
भारत में त्यौहार केवल उत्सवों से कहीं बढ़कर हैं; ये जीवन जीने का एक तरीका हैं। ये परंपराओं का संरक्षण करते हैं, एकता को बढ़ावा देते हैं और रोज़मर्रा के जीवन में खुशियाँ भर देते हैं। त्यौहार मनाकर, भारतीय न केवल अपने अतीत का सम्मान करते हैं, बल्कि अपनी साझा सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करते हैं और एक सामंजस्यपूर्ण भविष्य की आशा करते हैं। वहीं पोला पर्व का महत्व केवल बैलों की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और कृषि संस्कृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि मनुष्य का जीवन पूरी तरह से पशुधन और प्रकृति पर निर्भर है। खेती से जुड़ी यह परंपरा ग्रामीण जीवन में श्रम, सहयोग और सामूहिकता का संदेश देती है और गावो में पोला पर्व में पारंपरिक खोलो का आयोजन कर एकता का परिचय देते हैं इसी प्रकार से डोंगरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मुसरा में पोला पर्व के अवसर पर बैलदौड़,रस्साकसी,फुगड़ी,स्लो बाइकिंग,मोटर साइक्लिंग प्रतियोगी का आयोजन ग्राम पंचायत मुसरा में आयोजित की जिसमे बच्चे बूढ़े जवान सभी वर्ग के लोग इन खोलो में भाग लिया और खेल प्रतियोगिता को और भी रोचक बनाया गया। विजयी खिलाड़ियों को ग्राम के प्रमुख लोगो के हाथों पुरस्कृत किया गया,पोला पर्व में पूरा गांव रोमांचित दिखाई दे रहा था।
इस अवसर पर प्रमुख लोगो में सरपंच श्री मति गायत्री टेम्भुरकर ग्राम पटेल हेमसिंग ठाकुर ,ग्राम प्रमुख कमल नारायण साहू ,बबला साहू ,सुखचंद साहू ,बजरंग साहू ,बली बंजारे ,झलेश साहू एवं सरपंच प्रतिनिधि शिव कुमार टेम्भुरकर सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद थे।
















