मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब…….

WhatsAppImage2026-01-25at2054531
WhatsAppImage2026-01-25at205453
WhatsAppImage2026-01-25at205454
WhatsAppImage2026-01-25at205452
WhatsAppImage2026-01-25at2054551
WhatsAppImage2026-01-25at2055231
WhatsAppImage2026-01-25at205456
WhatsAppImage2026-01-25at2053421
previous arrow
next arrow

जशपुरनगर। चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!