छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण नीति पर शिक्षकों का विरोध तेज

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छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के ‘युक्तियुक्तकरण’ फैसले को लेकर शिक्षकों में जबरदस्त नाराजगी है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि इससे हजारों शिक्षकों के पद खत्म किए जा रहे हैं, जबकि राज्य में पहले से ही करीब 53,000 पद खाली हैं। वे इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक और बेरोजगारों के लिए अन्याय मान रहे हैं।

सरकार का कहना है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करना और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है, न कि स्कूल या पद खत्म करना। लेकिन शिक्षक संगठन मानते हैं कि यह नीति त्रुटिपूर्ण है और इससे शिक्षकों को “अतिशेष” घोषित किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को 28 मई तक अल्टीमेटम दिया है, वरना बड़ा आंदोलन होगा।इस संबंध में जल्द ही फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया जायेगा। अजय गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में जिन निर्देशों के तहत युक्तियुक्तकरण हो रहा है, वो शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर देगा।

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